:
Breaking News

Monsoon Skincare Tips: क्या मानसून में भी सनस्क्रीन लगानी चाहिए? जानिए त्वचा विशेषज्ञ क्या कहते हैं | Alam Ki Khabar

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: क्या मानसून में सनस्क्रीन लगानी चाहिए? त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार बादलों के बावजूद UVA और UVB किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं। जानिए सही सनस्क्रीन चुनने का तरीका, लगाने का सही समय और मानसून स्किनकेयर के जरूरी टिप्स।

पटना/आलम की खबर:बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं त्वचा से जुड़ी कई नई परेशानियां भी साथ लाता है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि मानसून में धूप कम निकलती है, इसलिए सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं होती। लेकिन त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। बादलों की मौजूदगी के बावजूद सूर्य की कई पराबैंगनी किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं, जो लंबे समय में त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में मानसून के दौरान भी सही स्किनकेयर रूटीन अपनाना और जरूरत के अनुसार सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि बारिश के मौसम में सूर्य की UVA किरणें बादलों के बीच से गुजरकर त्वचा तक पहुंच सकती हैं। यही किरणें समय से पहले झुर्रियां, पिग्मेंटेशन और त्वचा की उम्र बढ़ने जैसी समस्याओं से जुड़ी मानी जाती हैं। यदि कोई व्यक्ति रोजाना ऑफिस, कॉलेज, बाजार या किसी अन्य काम से बाहर निकलता है या लंबे समय तक खिड़की के पास रहता है, तो उसे मानसून में भी त्वचा की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

हालांकि सनस्क्रीन का चुनाव हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग हो सकता है। ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए जेल या मैट फिनिश वाली सनस्क्रीन बेहतर मानी जाती है, जबकि ड्राई स्किन वाले लोग मॉइस्चराइजिंग फॉर्मूला चुन सकते हैं। विशेषज्ञ आमतौर पर ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक और PA+++ या PA++++ रेटिंग वाली सनस्क्रीन को बेहतर विकल्प मानते हैं।

मानसून में सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। चेहरा साफ करने और मॉइस्चराइजर लगाने के बाद पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन लगानी चाहिए। घर से बाहर निकलने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले इसे लगाने से बेहतर सुरक्षा मिल सकती है। यदि लंबे समय तक बाहर रहना हो तो हर दो से तीन घंटे में दोबारा सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है। अधिक पसीना आने, बारिश में भीगने या चेहरा धोने के बाद भी इसे फिर से लगाना चाहिए।

बारिश के मौसम में कई लोग कुछ सामान्य गलतियां भी कर बैठते हैं। बादल देखकर सनस्क्रीन छोड़ देना, बहुत कम मात्रा में लगाना, केवल चेहरे पर लगाकर गर्दन और हाथों को नजरअंदाज करना, एक्सपायर्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना और पूरे दिन दोबारा न लगाना ऐसी गलतियां हैं जो त्वचा की सुरक्षा को कम कर सकती हैं।

त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सनस्क्रीन ही पर्याप्त नहीं है। दिन में दो बार चेहरा साफ करना, त्वचा के अनुसार हल्का मॉइस्चराइजर लगाना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित भोजन करना और बारिश में भीगने के बाद त्वचा को लंबे समय तक गीला न रहने देना भी जरूरी है। बाहर निकलते समय छाता, कैप या अन्य सुरक्षा उपाय अपनाना भी लाभदायक हो सकता है।

कुछ लोगों को मानसून में सनस्क्रीन लगाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इनमें रोजाना ऑफिस या कॉलेज जाने वाले लोग, दोपहिया वाहन चलाने वाले, लंबे समय तक बाहर काम करने वाले कर्मचारी, पिग्मेंटेशन या मेलाज़्मा की समस्या से जूझ रहे लोग, जल्दी टैन होने वाली त्वचा वाले व्यक्ति और त्वचा विशेषज्ञ की देखरेख में उपचार करा रहे मरीज शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून में धूप की तीव्रता भले कम महसूस हो, लेकिन पराबैंगनी किरणों का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होता। इसलिए मौसम चाहे कोई भी हो, त्वचा की सुरक्षा के लिए सही स्किनकेयर रूटीन अपनाना लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।

यह भी पढ़ें

• मानसून, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर बड़ी खबर – आलम की खबर

मानसून में लापरवाही नहीं, नियमित स्किनकेयर जरूरी

बारिश के मौसम में केवल धूप कम दिखाई देने से त्वचा पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती। यदि आप रोजाना बाहर निकलते हैं तो मौसम के अनुसार सही सनस्क्रीन और नियमित स्किनकेयर रूटीन अपनाना त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *